Khire ki kheti kaise ki jaati Hai

 


खीरे की अच्छी फसल और बंपर पैदावार के लिए सही समय पर सही खाद डालना बहुत जरूरी है। खीरे में मुख्य रूप से तीन तरह के पोषक तत्वों (नाइट्रोजन, फास्फोरस, और पोटाश) और कई सूक्ष्म पोषक तत्वों की जरूरत होती है।

खीरे की फसल के लिए आवश्यक मुख्य खाद (Fertilizers for Cucumber)
खीरे की खेती में खाद को मुख्य रूप से तीन चरणों में दिया जाता है: खेत की तैयारी के समय (बेसल डोज), पौधे की शुरुआती बढ़त के दौरान, और फूल एवं फल लगने के समय।

1. जैविक खाद (Organic Manure)
यह खाद मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाने और लंबे समय तक नमी बनाए रखने के लिए सबसे ज़रूरी है।

सड़ी हुई गोबर की खाद (Cow Dung Manure) या कम्पोस्ट:

मात्रा: बुवाई से लगभग 15-20 दिन पहले 20-25 टन प्रति हेक्टेयर (या 200 क्विंटल प्रति एकड़) की दर से खेत में अच्छी तरह मिला दें।

ज़रूरी बात: गोबर की खाद पूरी तरह से सड़ी हुई (decomposed) होनी चाहिए, कच्ची गोबर नहीं।

2. रासायनिक उर्वरक (Chemical Fertilizers)
रासायनिक खाद को तीन मुख्य पोषक तत्वों (NPK) के रूप में दिया जाता है।

खाद का प्रकार तत्व (Nutrient) देने का समय और उद्देश्य
DAP (डाया अमोनियम फास्फेट) फास्फोरस (P) और नाइट्रोजन (N) बेसल डोज (बुवाई के समय) में सबसे ज़रूरी। यह जड़ को मजबूत बनाता है।
यूरिया (Urea) नाइट्रोजन (N) पौधे की शुरुआती वृद्धि (Growth) के लिए। यह पत्तों को हरा और पौधा को तेज़ी से बढ़ाता है।
MOP (म्यूरेट ऑफ पोटाश) पोटाश (K) बेसल डोज और फल लगने के समय। यह फल की गुणवत्ता, स्वाद और रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ाता है।
SSP (सिंगल सुपर फास्फेट) फास्फोरस (P) और सल्फर (S) बेसल डोज में DAP की जगह या उसके साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
आवश्यक मात्रा (प्रति एकड़, सामान्य सुझाव):

खेत की तैयारी के समय (बेसल डोज) में आप निम्नलिखित तत्वों का प्रयोग करें:

नाइट्रोजन (N): 40-50 किलोग्राम (यूरिया लगभग 90-100 किलोग्राम)

फास्फोरस (P): 20-25 किलोग्राम (SSP लगभग 125 किलोग्राम या DAP 50 किलोग्राम)

पोटाश (K): 20-25 किलोग्राम (MOP लगभग 35-50 किलोग्राम)

3. सूक्ष्म पोषक तत्व और अन्य (Micro-nutrients and Others)
अच्छे फूल, फल और पौधे की संपूर्ण सेहत के लिए ये बहुत ज़रूरी हैं:

माइक्रोन्यूट्रिएंट मिश्रण (Mixed Micro-nutrients): इसमें जिंक, मैग्नीशियम, सल्फर, आयरन, बोरॉन आदि शामिल होते हैं।

उपयोग: बुवाई के समय बेसल डोज में (2-3 किलोग्राम प्रति एकड़) और बाद में स्प्रे के रूप में।

ह्यूमिक एसिड (Humic Acid): जड़ के विकास (Root Growth) और पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) को बढ़ाता है।

मैग्नीशियम सल्फेट (Magnesium Sulphate): यह भी खेत की तैयारी के समय 10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से उपयोग किया जा सकता है।

खाद देने का मासिक शेड्यूल (Month-wise Fertilization Schedule)
खाद देने का समय खीरे की वृद्धि के चरण पर निर्भर करता है:

समय (महीने के अनुसार नहीं, वृद्धि चरण के अनुसार) कौन-सी खाद दें उद्देश्य
बुवाई के समय (बेसल डोज) गोबर की खाद (20-25 टन/हेक्टेयर), DAP / SSP, पोटाश (MOP), माइक्रोन्यूट्रिएंट्स। जड़ की स्थापना और शुरुआती पोषण।
बुवाई के 15-20 दिन बाद यूरिया की पहली टॉप ड्रेसिंग (नाइट्रोजन का बचा हुआ हिस्सा)। पौधे की वानस्पतिक वृद्धि (शाखाओं और पत्तों का विकास)।
बुवाई के 30-45 दिन बाद / फूल आने के समय जल घुलनशील NPK जैसे NPK 19:19:19 या 12:61:00 (फास्फोरस) का छिड़काव (स्प्रे)। फूलों की संख्या बढ़ाना, फल लगने में सहायता।
फल लगने के बाद और कटाई तक NPK 00:52:34 (फास्फोरस, पोटाश) या NPK 00:00:50 (पोटाश) या पोटाश की टॉप ड्रेसिंग। फल की गुणवत्ता, आकार और रंग में सुधार, लगातार फल देना।
अच्छे ब्रांड और उत्पाद (Recommended Brands and Products)
बाजार में कई कंपनियाँ अच्छी गुणवत्ता वाले उर्वरक और टॉनिक बेचती हैं। आप अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं:

श्रेणी (Category) उत्पाद का नाम (उदाहरण) ब्रांड (कंपनी)
जल घुलनशील NPK NPK 19:19:19, NPK 00:52:34, NPK 13:00:45 IFFCO, Coromandel, Mahadhan, Haifa
जड़ और ग्रोथ टॉनिक ह्यूमिक एसिड / फल्विक एसिड इंडो मैजिक (Indo Magic) या अन्य प्रतिष्ठित ब्रांड
माइक्रोन्यूट्रिएंट्स चिल्लेटेड जिंक, कॉम्बी-2, मल्टी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स बायर (Bayer), सिजेंटा (Syngenta), धानुका (Dhanuka)
फंगिसाइड/कीटनाशक एमिस्टार टॉप (फफूंदी), कोरेजेन (कीट), एडमायर (कीट) Syngenta, Bayer, FMC
विशेष सुझाव:

मिट्टी परीक्षण: खाद की सही मात्रा जानने के लिए मिट्टी की जांच (Soil Testing) सबसे जरूरी है। इससे पता चलेगा कि आपकी मिट्टी में किस तत्व की कमी है।

दवाओं का छिड़काव: फूल-फल बढ़ाने वाले टॉनिक और कीटनाशक/फफूंदीनाशक दवाओं का इस्तेमाल किसी कृषि विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

जैविक विकल्प: जैविक खेती करने वाले किसान गोबर खाद के साथ वर्मीकम्पोस्ट और नीम का काढ़ा (कीट नियंत्रण के लिए) का प्रयोग कर सकते हैं।









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