हम jante ki Neem ki patti chabane se क्या-क्या fayda mand hota Hai

 

नीम की पत्तियों को आयुर्वेद में एक "औषधीय खजाना" माना जाता है, क्योंकि इसमें कई एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटीवायरल, और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।


नीम की पत्तियां खाने से या उनका उपयोग करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं में फायदा मिलता है:


1. रक्त और त्वचा संबंधी फायदे

रक्त शुद्धिकरण (Blood Purification): नीम की पत्तियां रक्त को साफ करने में मदद करती हैं, जिससे शरीर से विषाक्त पदार्थ (Toxins) बाहर निकलते हैं।


त्वचा रोग (Skin Diseases): यह खून साफ करने के कारण त्वचा के कई विकारों जैसे मुंहासे (Pimples), एक्ने, फोड़े-फुंसी, चकत्ते (Rashes) और खुजली को कम करने में सहायक है।


संक्रमण (Infections): अपने रोगाणुरोधी गुणों के कारण यह शरीर को विभिन्न प्रकार के बैक्टीरियल और फंगल संक्रमणों से बचाती है।


2. मधुमेह (Diabetes) में लाभ

नीम की पत्तियों में एंटी-हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित (Control) करने में मदद करते हैं। यह डायबिटीज के प्रबंधन में सहायक हो सकता है। (नोट: यदि आप पहले से ही शुगर की दवा ले रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।)


3. पाचन और पेट संबंधी फायदे

पाचन तंत्र को मजबूत करना: यह पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करती है।


कब्ज और गैस (Constipation & Gas): नीम की पत्तियां पेट की समस्याओं जैसे कब्ज, अपच (Indigestion) और एसिडिटी को दूर करने में सहायता करती हैं।


लिवर स्वास्थ्य: यह लिवर को डिटॉक्स करने और उसके कार्य को बेहतर बनाने में मदद करती है।


4. हृदय (Heart) और कोलेस्ट्रॉल में लाभ

यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स दिल की धमनियों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।


5. रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाना

नीम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत बनाते हैं, जिससे आप मौसमी बीमारियों, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमणों से बचे रहते हैं।


6. मौखिक स्वास्थ्य (Oral Health)

नीम की पत्तियां चबाने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं। यह मसूड़ों की सूजन, मुंह के छाले और साँसों की दुर्गंध को दूर करने में भी फायदेमंद है।


सेवन का तरीका:


सबसे अच्छा तरीका है कि सुबह खाली पेट 4-5 ताज़ी नीम की पत्तियाँ चबाकर खाएं।


आप नीम की पत्तियों का पेस्ट बनाकर या जूस निकालकर भी पी सकते हैं।


सावधानियाँ:


नीम का स्वाद बहुत कड़वा होता है।


किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए नीम का सेवन शुरू करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।


अधिक मात्रा में नीम का सेवन नुकसानदायक हो सकता है

, इसलिए संतुलित मात्रा में ही उपयोग करें।


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