BP badh jaaye to Kya Karen

 

रक्तचाप (BP) को जड़ से खत्म करना, खासकर उच्च रक्तचाप (High BP) या हाइपरटेंशन को, एक गंभीर और लंबी प्रक्रिया है जिसके लिए डॉक्टर की सलाह और एक पूरी तरह से बदली हुई जीवनशैली की आवश्यकता होती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हाई बीपी का कोई स्थायी "इलाज" (cure) नहीं है, लेकिन इसे जीवनशैली में बदलाव और, यदि आवश्यक हो, तो दवाइयों से पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है ताकि आप एक स्वस्थ जीवन जी सकें।


सबसे पहले, डॉक्टर से सलाह लेना और उनके द्वारा बताई गई किसी भी दवा को लेना बेहद ज़रूरी है। घरेलू उपाय केवल सहायक होते हैं, वे दवा का विकल्प नहीं हैं।


हाई बीपी को नियंत्रित करने के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपाय और जीवनशैली में बदलाव नीचे दिए गए हैं:


1. आहार और खान-पान में बदलाव (Dietary Changes)

आपका आहार बीपी को नियंत्रित करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


नमक (सोडियम) का सेवन कम करें: नमक बीपी बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण है। आपको प्रतिदिन 5 ग्राम (लगभग एक चम्मच) से कम नमक खाने का लक्ष्य रखना चाहिए।


प्रोसेस्ड फूड (डिब्बाबंद खाना, पैकेट वाले स्नैक्स, अचार, पापड़) से परहेज करें, क्योंकि इनमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है।


पोटैशियम युक्त आहार बढ़ाएँ: पोटैशियम शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में मदद करता है और रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम करता है।


स्रोत: केला, शकरकंद (sweet potato), पालक, टमाटर, बीन्स, दालें और दही।


DASH डाइट अपनाएँ: DASH (Dietary Approaches to Stop Hypertension) डाइट को बीपी कम करने के लिए ही बनाया गया है।


इसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज (whole grains), और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों पर ज़ोर दिया जाता है।


लहसुन और आंवला:


रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली चबाएँ या निगल लें। लहसुन में नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन बढ़ाने का गुण होता है, जो रक्त वाहिकाओं को आराम देता है।


आंवला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, यह रक्त परिसंचरण (blood circulation) को सुधारने में मदद करता है।


नारियल पानी और नींबू पानी: बिना नमक और चीनी का नींबू पानी या नारियल पानी पीएँ। ये शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करते हैं।


2. जीवनशैली में बदलाव (Lifestyle Changes)

दैनिक आदतों को बदलने से बीपी पर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है।


नियमित व्यायाम: प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का मध्यम व्यायाम (जैसे तेज चलना, जॉगिंग, साइकिलिंग या योग) करें। व्यायाम हृदय को मजबूत बनाता है और रक्तचाप को 5 से 8 mm Hg तक कम कर सकता है।


वजन नियंत्रित करें: यदि आपका वजन अधिक है, तो थोड़ा सा वजन कम करने से भी बीपी में काफी सुधार हो सकता है।


तनाव प्रबंधन (Stress Management): तनाव हाई बीपी का एक प्रमुख कारण है।


रोजाना योग, ध्यान (Meditation) और गहरी साँस लेने के व्यायाम (Deep Breathing) करें। अनुलोम विलोम और भ्रामरी प्राणायाम बहुत प्रभावी माने जाते हैं।


शराब और धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन रक्तचाप को बहुत बढ़ा देता है। इन आदतों को पूरी तरह छोड़ना या सीमित करना (डॉक्टर की सलाह के अनुसार) बहुत ज़रूरी है।


पूरी नींद लें: हर रात 7 से 9 घंटे की अच्छी और गहरी नींद ज़रूर लें। नींद की कमी से बीपी बढ़ सकता है।


3. आयुर्वेदिक/हर्बल उपाय (Ayurvedic/Herbal Remedies)

ये उपाय सहायक हो सकते हैं, लेकिन इन्हें शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक वैद्य या डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें:


मेथी दाना: रात भर पानी में भिगोए हुए मेथी दानों को सुबह चबाकर खाएँ।


अजवाइन और चावल की भूसी का तेल: कुछ अध्ययनों के अनुसार, तिल का तेल और चावल की भूसी का तेल हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए लाभदायक हो सकता है।


गुडुची (Giloy): गिलोय को भी बीपी कंट्रोल करने में सहायक माना जाता है।


याद रखें:


बीपी को जड़ से खत्म करने (Cure Permanently) के लिए, आपको इन सभी जीवनशैली के बदलावों को अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाना होगा।


अगर आपका बीपी अचानक बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है, तो इन घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर या आपातकालीन सेवा (Emergency) से संपर्क करें। हाई बीपी एक "साइलेंट किलर" है और इसे नज़रअंदाज़ करना ख़तरनाक हो सकता है।


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